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मुकद्दर

अब वो बात नही रही रहबर तुझमें
अब तेरा मुकद्दर भी तेरे साथ नही रहा।
अब छोड़ दे मुकद्दर के भरोसे बैठे रहना
क्योंकि तेरे वक्त तेरे ही हाथों से फिसल रहा।

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