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मुकद्दर

अब वो बात नही रही रहबर तुझमें अब तेरा मुकद्दर भी तेरे साथ नही रहा। अब छोड़ दे मुकद्दर के भरोसे बैठे रहना क्योंकि तेरे वक्त तेरे ही हाथों से फिसल रहा।
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मन की बात

जिंदगी में कभी भी भावनात्मक रूप से ओर गुस्से के भाव से निर्णय मत लेना, इसमें नुकसान ओर तकलीफ के सिवा कुछ भी हासिल नही होता।

©TQP

किसी भी चीज का अंत देखों क्या ओर कैसा होगा। शुरूआत का मोह नही यह अक्सर अंत को ख़राब करता है।

@TQP

इस झील से शहर को आँखों मे भर लेता हूँ, जब याद आती है साथ बिताये गुजरे वक़्त की।