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#किताबें

किताबें बहुत ही महत्वपूर्ण सत्य है जीवन का
एक सच्चा आईना है किताबें जीवन का जिसमें जिंदगी का सार नजर आता है,
अगर ठीक से पढ़ लो  तो भव सागर भी पार नजर आता है।
किताबों से ही सम्मान, संस्कार और समृद्धि मिली है
बिन किताबें सब शून है, ये जिंदगी, जीवन, मृत्यु सब शून्य है।

इन किताबों में ही वास है व्रह्मा, विष्णु, महेश का
इन किताबों में ही वास है दूर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती का
इन किताबों में ही वास है जल, अग्नि, वायु का
इन किताबों में ही वास है पृथ्वी, आकाश, पाताल का
इन किताबों में ही वास है दिन ओर रात का
इन किताबों में ही वास है जीवन और मत्यु का
इन किताबों में ही वास है अंग, शरीर और चरित्र का
इन किताबों में ही वास है कल, आज ओर कल का

किताबों में ज्ञान का भंडार है संसार को देखने की दृष्टि है, किताबें ही युग है जीवन की रचना है।
किताबें ज्ञान का पीठ है जिसे पीठ दिखना उचित नही किसी का।
अंधकार को रोशनी की ओर ले जाती है किताबें
ज्ञात रखो इन किताबों से ही सृष्टि का आधार बना है
जो संसार चला है किताबों के पैरों से चला है।
किताबों को इतनी आसानी से मत त्यागों जो बना है वो किताबों से ही बना।
चाहें देख लो उठा कर किताबें गाँधी, भीम ओर अनेक महापुरुष के जीवन की गाथा।
माना किताबें आसान नही सब के लिए मगर दुर्लभ भी नही किसी के जीवन के लिए।
किताबें कभी बदलती नही बस कुछ शब्द बदल जाते है।
किताबों की दोस्ती भरोसा, अक़ीन ओर सफलता देती है कभी धोका नही। 
बस तुम अपने आपको को कभी उससे दूर रखना नही।
किताबों में गलत ओर बुरे का भी संग्रह है
मगर अच्छी किताबों का ही जीत की चर्चा है।
किताबों से जुड़ें रहना शौभाग्य की बात है,
इसके साथ लज्जा, शर्म जैसी कोई बात नही।

कह गये गुरुवर, नर और मादा।
बिन किताबें किसी को कुछ नही आता।
जैसे बिन मष्तिष्क शरीर नही भाता।
संसार की वाणी इसमें,
कर्म, धर्म की कहानी इसमें।
जो लोग इसका पाठ कर जाता,
वही इसका मुख्य मोल समझ पाता।

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attraction & choice

जीवन के पड़ाव का बहुत ही दिलचस्प स्टेज जिसे न समझा जा सकता है और न पड़ा जा सकता है, ऐसा समझो यह न समझने वाली dictionary का शब्द है। अट्रैक्शन इसे किस चीज पर निर्भर किया जा सकता है। दिमाक बॉडी या आंखे जो देखती है और मन लुभा जाता है। पर कैसे यह सारा मन का बहम होता है की चाहत ही अट्रैक्शन होता है, अट्रैक्शन ओर चॉइस यह दोनों अलग अलग पहलू है जीवन के चॉइस हमारी पसंद होती है और जो हम पसंद करते है वो हमेसा हमारे साथ रहती है उसे पाने तक ओर उसे पाने के बाद भी मगर अट्रैक्शन एक लुभाने वाली जिज्ञासा है जो दिमाक ओर मन को बंदी बना लेती है और बो जब तक साथ रहती है तब तक वो चीज हासिल नही हो जाती और हासिल होने के बाद वो जिज्ञासा खत्म हो जाती है। अट्रैक्शन जीवन का साथ नही हो सकता वो हमेशा बदलता रहता है, मगर पसंद जीवन की परछाई है, जो जिसे जीवन चलता है वो भी साथ साथ चलती है। जिसे चाहना जीवन भर का संयोग है जो हासिल होने के बाद भी बनी रहती है कभी पसंद खत्म नही होती।